पेंशनर समाज नालन्दा का जिला स्तरीय 27 वां वार्षिक सम्मेलन हुआ संपन्न..!!

नालंदा 10 दिसम्बर 2023 : बिहारशरीफ अनुमंडल परिसर में बिहार पेंशनर समाज जिला शाखा नालन्दा का जिला स्तरीय 27 वां वार्षिक सम्मेलन पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष चन्द्रसेन प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन पेंशनर समाज के अध्यक्ष चन्द्रसेन प्रसाद सिन्हा, सचिव मो. तसलीम उद्दीन, पेंशनर मित्र राकेश बिहारी शर्मा ने मंगल दीप प्रज्वलित कर की।
कार्यक्रम में उपस्थित पेंशनर समाज के लोगों ने कई तरह के मुद्दों एवं अपने जीवन की कठिनाइयों पर विस्तृत चर्चा की।

मौके पर उद्घाटनकर्ता चन्द्रसेन प्रसाद सिन्हा ने पेंशनरों को समाज की धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि पेंशनर खुद को किसी पर बोझ नहीं समझें, बल्कि आप अपने अनुभवों को नई पीढ़ी को नई दिशा देने का काम करे।
इस मौके पर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बिहार पेंशनर समाज नालन्दा के जिला सचिव मो. तसलीम उद्दीन ने स्थानीय मांगों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि "संघे शक्ति कलयुगे" आज बिना संघ के शक्ति के किसी भी कार्य का निष्पादन होना कठिन है। संघ की शक्ति आपसी सहयोग और संघर्ष पर निर्भर है। 
उन्होंने कहा कि  वर्ष 89 में मैट्रिक प्रशिक्षित शिक्षकों का संकल्प संख्या-6022 दिनांक 18.12.89 के प्रावधानों के अनुसार 01.01.86 के प्रभाव से प्रवरण वेतनमान में प्रोन्नति देय है, शिक्षकों को आज तक प्रोन्नति नहीं दी गयी है। शिक्षा विभाग के कार्यालय में जो प्रोन्नति दी गई है वह महाभ्रम है। सरकार के संकल्प, विभाग के आदेश पत्र एवं माननीय न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर अपने नियम ( सुविधा शुल्क) के आधार पर दिया गया है।
आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त सचिव गौतम प्रसाद सिन्हा ने उपस्थित सदस्यों को धन्यवाद देते दीर्घायु होने की कामना करते कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आने वाली कठिनाइयों का सामना एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से इसी तरह की चट्टानी एकता कायम रखने एवं एक दूसरे के सुख-दुख में साथ देने की अपील की।
मौके पर संघ के सक्रिय सदस्य हरेंद्र चौधरी ने कहा कि वित्त विभाग ज्ञापांक 6022, दिनांक 18.12.1989 से अब तक 35-36 वर्ष बीत चुके है, परंतु उसे लागू नहीं किया जा सका है, जिससे मैट्रिक प्रशिक्षित शिक्षकों में बहुत बड़ा निराशा है। 01.01.2009 से प्राथमिक शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों को अन्य कर्मियों की भाँति 10 वर्ष, 20 वर्ष एवं 30 वर्षों की सेवा पर लाभ देने का निर्णय लिया गया है। परंतु प्रवरण वेतनमान की तरह ही कार्य लंबित रह गया। यह घोर चिन्तनीय है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा लंबित और बिहार सरकार के निर्णयानुसार जिला मुख्यालय शाखा बिहारशरीफ में शीघ्र ओल्ड एज होम का निर्माण कराया जाय।

लंबे संघर्ष के बाद 1920 में पूरे देश में पेंशन योजना लागू की गई थी : राकेश

मौके पर शिक्षक संघ के राज्य परिषद सदस्य सह पेंशनर मित्र राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी राष्ट्र निर्माण में अहम किरदार निभाते हैं और समाज के अगुआ हैं। ये सभी को सेवानिवृत्त होने पर कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है जो ठीक नहीं है, ये सभी सेवानिवृत्त शिक्षक अपने हक के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। 
उन्होंने पेंशन योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा देश में पेंशन लागू हुए 103 वर्ष पूरे हो गए। वर्ष 1857 में ब्रिटेन से पेंशन की शुरुआत हुई। लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 1920 में पूरे देश में पेंशन योजना लागू की गई। सेवा निवृति के पश्चात कई लोगों को पेंशन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सेवानिवृत्ति के पश्चात तत्कालीन वित्त मंत्री डीए नवारा को भी पेंशन प्राप्त करने में काफी कठिनाई हुई। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। जिसके बाद 17 दिसंबर 1982 को कोर्ट ने पेंशनरों के पक्ष में फैसला सुनाया। उसी याद में पेंशनर दिवस आयोजित किया जाता है। शुरुआत में पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था नहीं थी। इसे वर्ष 1964 में लागू किया गया। भारत में वर्ष 1989 से विधायक व सांसदों को पेंशन देना प्रारंभ किया गया। इसके अलावे कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सरकार से नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की। जीवन में सदा कुछ न कुछ अच्छा करते रहना चाहिए। पेंशन भोगियों की मदद करने से मन को शांति प्राप्त होती है। 
 
"भेद भुलाकर चलो जंग में सत्ता ने ललकारा है, सब मिलकर जीतो जंग को पेंशनरों कल का बिहार व भारत तुम्हारा है"।

इस दौरान सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला कोषाध्यक्ष कृष्णम गिरि ने पिछले साल में संगठन द्वारा किये गये कार्यो का विस्तार से प्रकाश डालते हुए आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिसे सर्वानुमति से अनुमोदित किया गया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने तथा पेंशनरों के हितार्थ एकजुट रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने संबोधित करते हुए आव्हान किया कि पेंशनरों के हितों के लिये संगठन की मजबुती के लिये आपस में सभी सक्रियता से एक जुट रहें।

सम्मेलन में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 21पेंशनर सम्मानित किये गये

सम्मेलन में उपस्थित 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले पेंशनर सर्वश्री गौतम प्रसाद, चंद्रदेव शर्मा, राजेश्वर प्रसाद सिन्हा, कमलेश्वर शर्मा, सरयुग सिंह, राम प्रसाद सिंह, राजेंद्र प्रसाद, विशुनदेव प्रसाद, रामजी सिंह, अंबिका ठाकुर, कौशल्या देवी, इंद्रदेव पंडित, देवशरण प्रसाद, किशुन प्रसाद, कुंती उपाध्याय, बेदामी देवी, आभा देवी, रामनंदन प्रसाद सिंह, अवधेश कुमार सिंह, रामबालक सिंह, शिवदानी भारथी को अंगवस्त्र, छड़ी तथा प्रशस्ति-पत्र देकर कुल 21 पेंशनरों को सम्मानित किया गया।
अंत में पेंशनर समाज के राज्य प्रतिनिधि नवल किशोर पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस सम्मेलन में पेंशनर समाज नालन्दा के जिला उपाध्यक्ष किशोरी पंडित, संगठन मंत्री सुरेश चंद्र प्रसाद, सुरेश प्रसाद, बांधब प्रसाद, ईश्वर प्रसाद, नेमत खातुन, चन्द्र कान्ता कुवारी, अंजुम आरा, रामाकांत पासवान, रघुनन्दन प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, अनिल प्रसाद, हरदेव प्रसाद, केशव प्रसाद इत्यादि पेंशनर व शिक्षक नेता मौजूद थे।

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