ककड़िया में बाल दिवस के रूप मे मनाई गई चाचा नेहरू की जयंती....!!

●विद्यालय में हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया बालदिवस, एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया 
नूरसराय-ककड़िया 14-11-2025 : मध्य विद्यालय ककड़िया में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती बाल दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी। मौके पर प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर बच्चो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति देकर मन मोह लिया।
अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने कहा कि पं नेहरू बच्चों से सबसे ज्यादा प्यार करते थे और बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। वह सदैव बच्चों के लिए कुछ न कुछ करने की भावना रखते थे। उन्होंने देश के विकास की आधारशिला रखी। आज के बच्चें ही आने वाले समय के प्रणेता एवं नेतृत्वकर्ता है। बच्चें के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके उत्थान व विकास के लिए हर क्षेत्र में अपना सम्पूर्ण योगदान देने का आश्वासन दिया।
समारोह के मौके पर वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि आप सभी बच्चे खूब पढ़ें, खूब खेलें इससे अच्छे स्वास्थ्य के साथ ही आप अच्छा पढ़ेंगे, ज्यादा सीखेंगे। स्कूल सीखने का और समझने का स्थान होता है और जो बच्चा इस समय में जितना अधिक सीख लेगा भविष्य में वह उतना अधिक सफल होता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे कल का भारत बनाएंगे। बच्चों को प्यार और सम्मान देना ही राष्ट्र के विकास को आगे बढ़ाता है। नेहरू जी ने शिक्षा पर विशेष बल दिया, क्योंकि उनका विश्वास था कि शिक्षित बच्चे ही देश को आगे बढ़ा सकते हैं।
शिक्षिका पूजा कुमारी ने कहा- नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे। जब भी वो बच्चों से मिलते थे, तो उनके साथ घुल-मिल जाते थे। नेहरू जी उनसे मिलकर बहुत सारी बातें करते थे और उनके सपने सुनते थे। उनकी प्रेम भावना के कारण ही बच्चें उन्हें प्यार से “चाचा नेहरू” बुलाते थे।
सेवानिवृत शिक्षक सच्चिदानंद प्रसाद ने पं. नेहरू के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत को अंग्रेजों के दास्ता से मुक्त करने में उनकी अहम भूमिका थी।  
 मंच संचालन करते हुए जितेंद्र कुमार मेहता ने बाल दिवस मनाने के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा- बाल दिवस मनाने का मुख्य कारण बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा प्रदान करना है। समाज में बच्चों के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव बढ़ाना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हर बच्चा देश की नींव है और उसे खुशहाल जीवन का अधिकार है। उन्होंने बच्चों का हौसला आफजाई करते हुऐ कहा कि बच्चों का प्रयास अतुलनीय है।
समारोह के अंत में बच्चों के साथ शिक्षक और शिक्षिकाओं ने बैठकर विशेष भोजन का आनंद लिया।    
इस आयोजन में स्थानीय ग्रामीण, विद्यालय के शिक्षिका अनीता कुमारी, शिक्षक मो. रिजवान अफताब, अनुज कुमार, अरविन्द कुमार शुक्ला, सतीश कुमार, रणजीत कुमार सिन्हा, सुरेश कुमार, विश्वरंजन कुमार, मुकेश कुमार, बाल संसद के प्रधानमंत्री अर्जुन कुमार, शिक्षामंत्री सलोनी कुमारी, दिव्या भारती, मुश्कान कुमारी, राज नंदनी कुमारी, खुशी कुमारी, वर्षा कुमारी, राखी कुमारी, राशि कुमारी, लभली कुमारी, नंदनी कुमारी, स्नेहा कुमारी, चांदनी कुमारी, नीतु कुमारी, रेखा कुमारी, जौशन कुमार, राजवीर कुमार, आदित्य कुमार, रविश कुमार तथा विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में सांस्कृतिक जुड़ाव और नैतिक मूल्यों की मजबूती होती है।

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