डॉ आंबेडकर की 69 वीं पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनी...!!


●पुण्यतिथि पर याद किए गए बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर
नूरसराय, ककड़िया : नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय ककड़िया में शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 69 वीं पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाई गई। 
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार मेहता और वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने डॉ .भीमराव आंबेडकरजी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया तथा साथ ही साथ सभी शिक्षक एवं छात्रों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार मेहता एवं संचालन विदुषी शिक्षिका पूजा कुमारी ने किया। 
आंबेडकरजी ने लिखा दुनिया का सबसे लंबा संविधान:
मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए वरीय शिक्षक शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज में हो रही भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। जिसके बाद दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान उनकी अध्यक्षता में तैयार किया गया।उन्होंने स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा के महत्व को समझाया है। दलित और गरीब परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें बचपन से ही बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन वह अपने इरादे में मजबूत थे। इसलिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी और सच्चाई, ईमानदारी के साथ जीवनयापन किया। उनका यह सपना था कि भारत में हर इंसान को एक समान अधिकार मिले, जिसे उन्होंने सफल कर दिखाया। उन्होंने कहा- बाबा साहेब की जीवनी से हमें सीख लेनी चाहिए। जिन्होंने लाख अपमान के बाद भी अपने शिक्षा के बल पर भारतीय संविधान के निर्माता हुए। जिसके चलते आज भी बाबा साहेब की पुण्यतिथि को हर साल समाजिक समता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री जितेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। उनके विचार और आदर्श लाखों लोगों को ताकत देते हैं। बाबासाहेब ने राष्ट्र के लिए जो सपने देखे थे, हम उन सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके विचार हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे।
मंच संचालन निष्पादित करते हुए विदुषी शिक्षिका श्रीमती पूजा कुमारी ने कहा कि अद्भुत समाज सुधारक, अप्रतिम विधिवेत्ता, वंचितों व शोषितों के उत्थान हेतु आजीवन समर्पित, संविधान शिल्पी, भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर कृतज्ञ विद्यालय परिवार की ओर से कोटिशः नमन। लोकतांत्रिक चेतना से दीप्त आपका जीवन हम सभी के लिए महान प्रेरणा है।
शिक्षक अरविन्द कुमार शुक्ला ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने देश में दलितों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए लड़ाई लड़ी।
शिक्षक सतीश कुमार ने कहा कि संविधान निर्माता, भारत रत्न, विश्व विभूति डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल एक जाति वर्ग के नहीं बल्कि पूरे मानव जाति के लिए प्रेरणा श्रोत हैं। 
मौके पर शिक्षक सर्वश्री अनुज कुमार, मो. रिज़वान अफ़ताब, श्रीमती अनीता कुमारी, सुरेश कुमार, विश्वरंजन कुमार, मुकेश कुमार, रामजी चौधरी, बाल संसद के प्रधानमंत्री अर्जुन कुमार, शिक्षामंत्री सलोनी कुमारी, दिव्या भारती, नंदनी कुमारी, स्नेहा कुमारी, चांदनी कुमारी, नीतु कुमारी, रेखा कुमारी, राजवीर कुमार, मोहित कुमार, अनमोल कुमार तथा विद्यालय परिवार के सदस्य समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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