बिहारशरीफ के शिवपुरी मोहल्ले में कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन....!!

● हर नक़्श अंधेरों का मिटा क्यूं नहीं देते, इक दीप मुहब्त का जला क्यूं नहीं देते : बेनाम गिलानी

● शिवपुरी मोहल्ले में नामचीन कलमकारों ने अपनी हाजिरी दी
बिहारशरीफ, 24 जनवरी 2026 : बिहारशरीफ शिवपुरी मोहल्ला में सरस्वती पूजा के अवसर पर शुक्रवार कि देर शाम स्मार्ट स्टडी लायब्रेरी के सौजन्य से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता शंखनाद साहित्यिक मंडली के अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ)  लक्ष्मीकांत सिंह ने की। जबकि मंच संचालन शंखनाद के मीडिया प्रभारी प्रख्यात राष्ट्रीय शायर व गजलकार नवनीत कृष्ण ने अपनी मधुर वाणी से किया। 
सम्मेलन का विधिवत सुरूआत् मंचासीन कवियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर व गजलकार नवनीत कृष्ण के सरस्वती वदना से हुआ। उन्होंने सुरीली आवाज में ‘तेरी बातों में हम रह गए, खुदसे ग़ाफ़िल सनम रह गए, भीड़ है अब रियाकारों की, चाहने वाले कम रह गए...’ सुनाया
सभागार में जब गीत, गजल और रूबाईयों की त्रिवेणी बही, तो हर कोई देर रात तक इसमें गोते लगाता रहा। शाम स्मार्ट स्टडी लायब्रेरी द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन के मंच पर जब नालंदा और राज्य के नामचीन कलमकारों ने अपनी हाजिरी दी, तो श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से हर किसी का स्वागत किया।
मौके पर अध्यक्षता करते हुए शंखनाद के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह ने सुनाते हुए कहा- ‘झूठ बोलना पाप है, ये उपदेश वही देता है, जो रोज हजारों झूठ बोलता है। झूठ क्या है और सच क्या हैं, जानता नहीं, जो दूसरों से सुना वही बोलता है...।’
शंखनाद के महासचिव कवि राकेश बिहारी शर्मा ने सरस्वती आराधना व वाणी की देवी को नमन करते हुए कवि राकेश बिहारी शर्मा ने सुनाया- ‘श्वेत वस्त्र में सजी हुई, वीणा-स्वर मधुर छेड़ रही, तम के सागर में दीप बनी, ज्ञान-ज्योति बन बिखर रही...।’
कवि सम्मेलन में किसी ने श्रंगार के गीतों से युवा दिलों पर दस्तक दी, तो किसी ने देश भक्ति का जज्बा भरा, किसी ने राजनीति पर चुटीले व्यंग्य कस कर श्रोताओं की तालियां बटोरी तो कार्यक्रम में प्रख्यात शायर बेनाम गिलानी के शायरी व गजलों पर लोगों ने जमकर दाद दी। समा बांधते हुए उन्होंने कहा- ‘हर नक़्श अंधेरों का मिटा क्यूं नहीं देते, इक दीप मुहब्त का जला क्यूं नहीं देते...।।’
युवा दिलों पर हुकूमत करने वाले मिज़ाहिया शायर व हास्य व्यंग्य कवि तंगय्यूवी ने कहा कि 'जो अब तक हुआ कर दिखाएंगे हम, गैर को भी गले से लगाएंगे हम। अपने हिदोस्तां को खुदा की कसम, फिर से सोने की चिड़ियां बनाएंगे हम।।'
कवि प्रोफेसर शकील अहमद ने कविता ‘नफ़रत कभी न पालिए,चलें प्रेम की राह। देख सदा मिलते गले,मुख से निकले वाह...।’
   
नालंदा के नामचीन छंदकार सुभाष चंद्र पासवनन ने ‘ज़्यादा किसी को, न कम देखते है, लिखी झूठ जो वो कलम देखते है… वर्तमान समय का आईना दिखया।  
मोहब्बतों की बातें करते हुए युवा शायर अमन कुमार ने कहा कि ‘तुम्हारी जुस्तजू में सब लुटा के बैठे हैं, उम्मीद तुम्हीं से ही लेकिन लगा के बैठे हैं। हमारे जैसा जमाने में भला कौन है पागल, हम अपना घर खुद ही जला के बैठे हैं...सुनाया।’
अंत में स्मार्ट स्टडी लायब्रेरी संचालक मुकेश भारती के द्वारा कवि सम्मेलन में उपस्थित कवियों व साहित्यकारों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान कवि सम्मेलन में सर्वश्री अशोक कुमार, अविनाश कुमार, संजय कुमार, संतोष कुमार, आयुष्मान कुमार, अनिकेत कुमार, गोलू कुमार आदि लायब्रेरी के छात्र-छात्रा मौजूद रहे।

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