ककड़िया में मौन रहकर बच्चों ने किया आनापान ध्यान साधना....!!
●आनापान एक प्राचीन ध्यान साधना तकनीक है
●आनापान ध्यान साधना से बच्चों में एकाग्रचित्तता बढ़ती है
नूरसराय-ककड़िया, 21 फरवरी 2026 : नूरसराय प्रखंड के ककड़िया मध्य विद्यालय के चेतना सत्र में शनिवार को बच्चों ने आनापान ध्यान साधना किया। इसमें 268 छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रमुख आचार्य सत्यनारायण गोयनका की ऑडियो के माध्यम से शारीरिक स्थिति जिसमें कमर, पीठ और गर्दन सीधी रखकर सहज स्वाभाविक सांस के माध्यम से सही सजगता का अभ्यास कराया गया।
मौके पर प्रधानाध्यापक जितेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि विपश्यना का अर्थ है 'चीजों को वैसा ही देखना जैसी वे हैं', यह एक प्राचीन ध्यान साधना तकनीक है। इसकी जड़ें लगभग 2500 वर्ष पूर्व के प्रारंभिक बौद्ध धर्म में मिलती हैं। आनापान ध्यान साधना से बच्चों में एकाग्रचित्तता बढ़ती है। पढ़ाई में मन लगता है और मन शांत होता है। इससे बच्चे अपने मन को वश में करना सीखते हैं। इसमें बच्चों को पांच शील पालन करना और उनका जीवन में महत्त्व समझाया गया।
मौके पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने बताया कि स्कूल परिवार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना सभी के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि आनापान ध्यान के नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। बच्चों को प्रत्येक दिन सुबह-शाम 10 मिनट के लिए आना-पान ध्यान करने के लिए प्रेरित किया गया जिससे छात्र-जीवन सहज और आसान बन सके।
शिक्षक अरविन्द कुमार शुक्ला ने कहा कि शील पालन साधना का कई अंग है। यह पांच शील- जीव हत्या नहीं करना, चोरी नहीं करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना, सत्य बोलना और नशा नहीं करना है। इस दौरान छात्रों ने मंगल-मैत्री ध्यान का अभ्यास भी किया। यह अभ्यास उन्हें मन शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और खुद को बेहतर समझने में मदद करता है। इसे बचपन से ही शुरू करना चाहिए।
मौके पर शिक्षिका अनीता कुमारी, शिक्षक मो. रिजवान अफताब, अनुज कुमार, विश्वरंजन कुमार, मुकेश कुमार, रामजी चौधरी, बाल संसद के प्रधानमंत्री अर्जुन कुमार, शिक्षामंत्री सोनाली कुमारी, दिव्या भारती, अंजली, मुस्कान, राज नंदनी, खुशी, वर्षा, राखी, राशि, लवली, नंदनी, स्नेहा, चांदनी, नीतु, रेखा, राजवीर कुमार, आदित्य कुमार, सुमन कुमारी व अन्य मौजूद थीं। साथ ही साथ विद्यालय परिवार के सभी सदस्यगण उपस्थित रहे।
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