शायर नवनीत व स्नेहा के शादी स्वागत समारोह में हुआ भव्य कवि सम्मेलन....!!
●स्वागत समारोह में साहित्यकारों व कवियों ने लगवाए खूब ठहाके
बिहारशरीफ 7-12-2025: बिहारशरीफ के छोटी पहाड़ी स्थित मिलन मंडप सभागार में रविवार की देर रात मशहूर शायर नवनीत कृष्ण व स्नेहा के शादी स्वागत समारोह में शंखनाद के अध्यक्ष साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह की अध्यक्षता में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथि कवियों के स्वागत अंगवस्त्र व पुष्प-गुच्छ देकर तथा नवदम्पति को शुभकामनाएँ देने के साथ हुई। मंच पर एक के बाद एक कवियों ने प्रेम, जीवन, समाज एवं मानवता जैसे विविध विषयों पर अपनी रचनाएँ सुनाकर समाँ बाँध दिया। श्रोताओं ने हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
मौके पर आयोजित स्वागत समारोह में शंखनाद साहित्यिक मंडली के महासचिव राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि इस समारोह में साहित्य की अनूठी छटा देखने को मिली। रंगीन पुष्प-सज्जा से सुसज्जित मंच पर नवविवाहित दंपति का भव्य स्वागत किया गया, वहीं कार्यक्रम में आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों, शायरों एवं वख्ताओं की उपस्थिति ने समारोह को गरिमा प्रदान की। कवि सम्मेलन में कवियों ने प्रेम, जीवन और रिश्तों की पवित्रता पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत कीं। शेर-ओ-शायरी की मधुर धुनों के बीच श्रोताओं ने तालियाँ बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह के दौरान वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों ने नवदंपति को सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ देते हुए अपनी उत्कृष्ट रचनाएँ समर्पित कीं।
मौके पर उपस्थित बिहार सरकार के आप्त सचिव एवं ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि यह स्वागत समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति और मानवीय भावनाओं का संगम प्रतीत हुआ। कार्यक्रम में कवियों के काव्य-पाठ, शायरों की ग़ज़लें, तथा वक्ताओं के प्रेरक विचारों ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।अंत में सभी आमंत्रित साहित्यकारों, मित्रों व परिजनों ने मंच पर पहुँचकर नवदंपति के साथ स्मृति–चित्र लिए और शुभकामना संदेश दिए। उत्साह, आनंद और साहित्यिक माधुर्य से ओत–प्रोत यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।
मौके पर उपस्थित बिहार सरकार के आप्त सचिव एवं ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि यह स्वागत समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति और मानवीय भावनाओं का संगम प्रतीत हुआ। कार्यक्रम में कवियों के काव्य-पाठ, शायरों की ग़ज़लें, तथा वक्ताओं के प्रेरक विचारों ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।अंत में सभी आमंत्रित साहित्यकारों, मित्रों व परिजनों ने मंच पर पहुँचकर नवदंपति के साथ स्मृति–चित्र लिए और शुभकामना संदेश दिए। उत्साह, आनंद और साहित्यिक माधुर्य से ओत–प्रोत यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।
समारोह में हिंदी साहित्य सम्मेलन नालंदा के अध्यक्ष विनय कुमार कुशवाहा, कवि महेंद्र कुमार विकल, कवि उमेश प्रसाद 'उमेश',राष्ट्रीय हिंदी मासिक स्वास्थ्य पत्रिका के उप-सम्पादक सौरभ कुमार, नामचीन साहित्यकार शैलेन्द्र कुमार सिंह, व्यंगकार उदय कुमार भारती, शिक्षक क्लब के संयोजक दिलीप कुमार, कवि सुभाष चंद्र पासवान, मशहूर शायर बेनाम गिलानी, कवि मिथिलेश प्रसाद चौहान, मुकेश कुमार चौहान, शेखर चौहान, शायर अरसद रज़ा, प्रोफेसर शकील अहमद अंसारी, शायर तनवीर साकित, उत्तर प्रदेश से शायर साहिल मिश्रा, कवि सुजीत कुमार, हास्य कवि तंग अय्युवी, शिव शंकर, अमन, निरंजन, मोनू, माला देवी, कोसुम, बंटी कुमार चंद्रवंशी, सौरभ कुमार, गोलू, गुड्डू, विकास कुमार, विक्की कुमार, अविनाश कुमार चंद्रवंशी, धर्मेंद्र चंद्रवंशी, राजनीतिक सिंह, रूनी, विभा, सोनू, रतन चंद्रवंशी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कई गण्यमान्य साहित्यकार एवं कवि उपस्थित थे। मंच संचालन शंखनाद के मीडिया प्रभारी नवनीत कृष्ण ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन नालंदा के प्रख्यात् संगीत सम्राट रामसागर राम जी ने किया।
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