एक उजला दीपक जो असमय बुझ गया.....!!
● शिवराम कुंज बिहारी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि
सरमेरा- गोपालबाद, 15 जनवरी 2026 : कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जाना केवल एक परिवार की क्षति नहीं होता, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी पीड़ा बन जाता है। स्वर्गीय बैद्यराज बैद्यनाथ प्रसाद जी के समाजसेवी पुत्र बैद्य शिवराम कुंज बिहारी जी का असामयिक निधन ऐसा ही एक असहनीय आघात है, जिसने हर संवेदनशील हृदय को शोकाकुल कर दिया है। उनका निधन 3 जनवरी 2026 को हृदयाघात से हो गया था। ये अपने क्षेत्र के नामचीन हास्य कलाकार एवं कुशल ग्रामीण चिकित्सक एवं बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिया करते थे।
समाजसेवी राकेश बिहारी शर्मा ने शिवराम कुंज बिहारी जी के सामाजिक योगदान, सरल स्वभाव और जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा को स्मरण करते हुए कहा कि उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जीवनपर्यंत जरूरतमंदों की सेवा, सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। स्वर्गीय शिवराम कुंज बिहारी जी केवल नाम नहीं थे, वे सेवा, संवेदना और सादगी का जीवंत स्वरूप थे। उनका जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए समर्पित था। बिना किसी दिखावे के, बिना किसी अपेक्षा के, वे चुपचाप मानवता की सेवा करते रहे। दुखियों के आँसू पोंछना, जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना उनके जीवन का उद्देश्य था।
उनका सहज व्यवहार, मधुर वाणी और विनम्र व्यक्तित्व हर मिलने वाले को अपना बना लेता था। वे जिस भी सभा, जिस भी चौखट पर गए, वहां अपनत्व की छाप छोड़ आए। आज वही मुस्कान, वही स्नेहिल स्वर स्मृतियों में गूंज रहा है और आंखों को नम कर रहा है।
उनका असमय जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक विचार, एक भावना और एक सेवा-दीप का बुझ जाना है। यह क्षति अपूरणीय है, जिसकी भरपाई किसी भी शब्द या संवेदना से संभव नहीं। फिर भी, उनके द्वारा रोपे गए सेवा और सद्भाव के बीज आने वाली पीढ़ियों को मार्ग दिखाते रहेंगे—यही उनकी सच्ची विरासत है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिवार, विशेषकर पुत्र चन्द्रशेखर प्रसाद जी, को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में केनार पंचायत के मुखिया रूबी कुमारी, सरपंच नरेश प्रसाद, अरुण बिहारी शरण, जय केशरी, पैक्स अध्यक्ष धनंजय प्रसाद, विनोद प्रसाद, रजनीश कुमार, पप्पू प्रसाद, लोकनाथ कुमार, रंजय प्रसाद, चंद्रभानु प्रसाद, अरुण कुमार सिंह, बिजय प्रसाद, हृषिकेश, अरुण कुमार सिन्हा हैं। स्व. शिवराम कुंज बिहारी जी, आप भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपके कर्म, आपकी करुणा और आपकी स्मृतियाँ सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगी।
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