शहीद जगदेव प्रसाद की 104 वीं जयंती मनाई गई...!!

शहीद जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती मनाई गई, व्यक्तित्व पर चर्चा
● जगदेव प्रसाद दबे कुचले गरीब लोगों के मसीहा थे
● जयंती पर याद किए गए शहीद जगदेव प्रसाद 
बिहारशरीफ, 2 जनवरी 2026 : बिहारशरीफ शहर के  शहीद जगदेव चौक,राणाबीघा में सम्राट अशोक जागृति मंच के तत्वावधान शहीद जगदेव प्रसाद की 104 वीं जयंती के मौके पर बहुजन समाजसेवियों, साहित्यकारों एवं प्रबुद्ध लोगों की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सम्राट अशोक जागृति मंच के अध्यक्ष शिवकुमार कुशवाहा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद जगदेव चौक राणा बिगहा के स्मारक स्थल पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया गया। इस कार्यक्रम में बुद्ध वंदना भिक्षु प्रज्ञापाल द्वारा की गई। कार्यक्रम की विधिवत शुभारम्भ मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय जे.पी.वर्मा के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आगत अतिथियों का स्वागत-भाषण प्रो. लक्ष्मीकांत सिंह तथा मंच संचालन नवनीत कृष्ण द्वारा किया गया।
   अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी, वर्मा ने  अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि जगदेव बाबू बहुजन चेतना को जागृत करने वाले क्रांतिकारी हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने में अपने जीवन को लगाया। पिछड़े और दलितों के हक और अधिकार के लिए हमेशा राजनीतिक लड़ाई लड़ते रहे। शोषण के विरुद्ध उनकी लड़ाई और पिछड़ों के लिए आरक्षण लागू करवाने में उनकी भूमिका कभी भूलाया नहीं जा सकता है। उनके विचारधारा पर चलकर ही शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्गों का अपना अधिकार मिल सकता है।
   मौके पर एस.पी वर्मा कॉलेज के अध्यक्ष प्रो. सच्चिदानन्द प्रसाद वर्मा ने कहा कि पिछड़ा, दलित, शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्ग के हक व अधिकार के लिए लड़ाई लड़ते-लड़ते जगदेव बाबू शहीद हो गये थे। लेकिन आज तमाम बहुजनों के जनप्रतिनिधि सामंतवादियों का कहारी कर रहे हैं। यह शहीद जगदेव प्रसाद के विचार और सामाजिक न्याय के दर्शन के खिलाफ है। उनके द्वारा जलाई गईसामाजिक क्रांति के मशाल को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
  दामोदर प्रसाद पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कुशवाहा परिवार में जन्मे जगदेव बाबू ने छुआछूत, जात-पात, बाल विवाह व अशिक्षा जैसी कुरीतियों से समाज को छुटकारा दिलाने का हमेशा प्रयास किया है। उनका गरीबों के प्रति समर्पण से घबराकर दबंग आततायी जाति के लोगों ने एक सभा के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
परशुराम कुशवाहा ने कहा कि स्वर्गीय जगदेव प्रसाद दबे कुचले गरीब लोगों के मसीहा थे। हमें उनके बताए गए मार्ग दर्शन पर चलने की जरूरत है।
   रामसेवक प्रसाद ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार लेनिन शहीद जगदेव प्रसाद बाबू दलितों, पिछड़ों, गरीबों, शोषितों के लिए दूरदर्शी राजनेता थे। वे सामंतवादी व्यवस्था को बदलने की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।
प्रो. हिंदकेशरी ने कहा कि बिहार लेनिन जगदेव बाबू महान क्रांतिकारी राजनेता थे। उनकी ओजपूर्ण क्रांतिकारी कृति आज भी प्रासंगिक हैं।
मौके पर अखिल भारतीय मौर्य शिक्षक सह शिक्षा मंच,बिहार के अध्यक्ष महादेव प्रसाद ने कहा कि जगदेव प्रसाद की श्रद्धांजलि पर उनके विचारों को आगे बढ़ने का संकल्प लेने का यह दिन है।
वहीं कार्यक्रम में भारत सरकार से मांग की गई कि अमर शहीद जगदेव प्रसाद को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। इसे ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि माना जाएगा।
इस मौके पर  मीणा देवी सहित स्थानीय शहर एवं पड़ोसी जिले के सैकड़ों लोग मौजूद थे।
किसान नेता जगलाल चौधरी, मनोजकुमार सिंह,डॉ देवेन्द्र प्रसाद, पिंटु कुमार (कुशवाहा सेवा समिति, नवादा), एकलव्य बौद्ध अरुण कुमार, तथा सतीश कुमार के साथ हजारों लोग उपस्थित थे।

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