नालंदा जिला के नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत अजयपुर गांव में महिला के साथ बर्वतापूर्ण घटित घटना की तथ्यान्वेषण हेतु लोकतांत्रिक जन की पहल...!!

नूरसराय प्रखंड के अजयपुर गांव पांच सदस्यीय टीम तथ्यान्वेषण के लिए पहुंची

दिनांक 2 अप्रैल 2026 को पटना से लोकतांत्रिक जन पहल की पांच सदस्यीय टीम अजयपुर गांव पहुंची, जहां दिनांक 26 मार्च 2026 को एक महिला के साथ गांव के ही दबंगों द्वारा सार्वजनिक रूप से बदसलूकी एवं बर्वर तरीके से मारपीट की घटना कारित की गई थी।  यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटित मणिपुर घटना की पुनरावृत्ति है।
  गौरतलब है कि नालंदा जिला में घटित उक्त घटना में दबंगों और अपराधियों द्वारा गांव की एक गरीब एवं कमजोर समुदाय से आनेवाली महिला को  अजयपुर गांव के ही भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक सड़क पर जबरन पकड़कर उसके साथ मारपीट की गई और बर्वर तरीके से छेड़खानी करते हुए महिला के कपड़े  को  फाड़ कर अर्धनग्न अवस्था में वीडियो बनाया। महिला उन दरिंदों से अपने बचाव के लिए चिखती चिल्लाती रही, लेकिन तत्काल में कोई भी आदमी उसके सहायता के लिए आगे नहीं आया। काफी देर तक उन दरिंदों के द्वारा सार्वजनिक रूप से उसके शरीर से छेड़छाड़ करता रहा।
   यह घटना बिहार में महिला सुरक्षा और सुशासन का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के गृह जिले का है। यह घटना नालंदा को ही नहीं बल्कि पूरे बिहार को शर्मशार कर दिया।
    इस चर्चित घटना की Fact Finding हेतु लोकतांत्रिक जन पहल बिहार कि एक टीम पटना से चल कर अजयपुर गांव पहुंची। टीम में अशोक कुमार अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता, मणीलाल अधिवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता, तबस्सुम अली सामाजिक कार्यकर्ता, सुनिता कुमारी शामिल हैं।
 टीम सबसे पहले अजयपुर गांव में पीड़िता के घर पहुंची, टीम के महिला सदस्यों के द्वारा पीड़िता से मिलने की कोशिश की गई, किन्तु पीड़िता के घर में कोई भी सदस्य नहीं था। एक मात्र एक बीमार और बुढ़ी महिला उपस्थित थीं जो बोल पाने में बिल्कुल असमर्थ थी।
 टीम के लोगों ने गांव के और पीड़िता के घर के आसपास के लोगों से पीड़िता के बारे में पूछ ताछ की। पूछताछ के दौरान कुछ लोगों ने उसके संबंध में किसी तरह की जानकारी के प्रति अनभिज्ञता जाहिर किया। सुरक्षा के नाम पर  बिहार पुलिस तौनात था । टीम के सदस्य फिर उस गांव में घटना से संबंधित जानकारी के लिए गांव के कुछ स्वतंत्र लोगों से बातचीत की । उसके बाद घटना में शामिल लोगों के परिजनों से भी बात करते हुए उनका पक्ष जाना। बाद में टीम पीड़िता के घर से लौटते हुए घटना के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी हेतु संबंधित थाना नूरसराय आकर मिली और घटना के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाही । किन्तु थाना में उपस्थित पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और घटना से संबंधित केश के अनुसंधान पदाधिकारी सौव्या कुमारी भी बाहर हैं। और विशेष जानकारी देने से इंकार कर गया।
  घटना स्थल के दौरान के बाद टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची की घटित घटना में महिला के साथ बर्वरता की सारी हदें पार कर गई। पीड़िता के उपर प्रेम प्रसंग का आरोप लगा कर महिला के साथ घटना को अंजाम दिया गया है। जांच टीम ने पाया कि  पुलिस ऐसी शर्मनाक घटना में भी केवल खानापूर्ति के लिए अपना काम कर रही है। टीम के द्वारा विस्तृत रिपोर्ट बाद में जारी की जाएगी।
      इस आशय की जानकारी टीम के सदस्य अशोक कुमार अधिवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी है। 
    

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