ककड़िया में धूमधाम से मनाई गई गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती....
●निरंकुश शिक्षा के समर्थक थे रवींद्र नाथ टैगोर : राकेश बिहारी
●बहुमखी प्रतिभा संपन्न विद्वान थे रवींद्र नाथ टैगोर
नूरसराय-ककड़िया, 7 मई 2026 : नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय ककड़िया के प्रागंण में बुधवार को रवींद्रनाथ टैगोर की 165 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। समारोह का शुभारंभ प्रभारी शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने टैगोर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया।
मौके पर अध्यक्षता करते हुए प्रभारी शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि रवींद्र नाथ टैगोर बहुत बड़े बांग्ला कवि, नाटककार एवं गीतकार थे। उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा दी गई गुरुदेव की उपाधि को सार्थक बना दिया। संत-स्वभाव के कवि रवींद्र नाथ टैगोर निरंकुश शिक्षा के समर्थक थे। उनका मानना था कि छात्रों के ऊपर शिक्षा की अवधि में किसी तरह का अंकुश नहीं होना चाहिए। उन्हें स्वच्छंद वातावरण में स्वतंत्र होकर शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्रदान करना चाहिए। एसके झा ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखी गई गीतांजलि पर उन्हें 13 नवंबर, 1913 को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत और पूरे एशिया में साहित्य में नोबेल पुरस्कार पाने वाले वे पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि उन्हीं के द्वारा जन गण मन लिखा गया, जिसे भारतीय संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर अमर बना दिया। हम सब को उनके जीवन- मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात कर अपने जीवन को सार्थक एवं सफल बनाने का सदैव पर्यत्न करना चाहिए। यही उनके प्रति हमारी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शिक्षका अनीता कुमारी ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर केवल साहित्यकार ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त भी थे। रवींद्र जाथ टैगोर एक कवि, उपन्यासकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक थे।
शिक्षक मो. रिजवान अफताब ने अपने सन्देश में गुरुदेव की प्रतिभा की सरहाना करते हुए कहा कि टैगोर बंगाल के बहुमखी प्रतिभा संपन्न विद्वान थे। वे एक कवि, लेखक, नाटककार, चित्रकार, और समाज सुधारक थे। उन्होंने बंगाल के साथ भारतीय संस्कृति, संगीत और कला को नए आयाम दिए थे। उनकी रचनाएं देश की सीमा ही नहीं बल्कि अन्य देश के लोगों के दिलों में भी जगह बनाने में सफल रही।
शिक्षक अरविन्द कुमार ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर के अनमोल विचारों को पढ़ें और जीवन में आत्मसात करें ताकि भविष्य में आपकी राह आसान बन सके। उन्होंने टैगोर की जीवनी पर विस्तारपूर्वक बच्चों के बीच प्रकाश डाला। उनके बताए पदचिह्नों पर चलने की भी बच्चों से अपील की।
मौके पर विद्यालय के शिक्षक अनुज कुमार, शिक्षक विश्वरंजन कुमार, मुकेश कुमार, प्रशिक्षु प्रीती कुमारी, विनीता कुमारी, मुस्कान कुमारी, अस्मिता कुमारी, शिवानी कुमारी, सुरुचि कुमारी, रैना प्रवीण, गुलिश्ता प्रवीण, ज्योति कुमारी, मंटू कुमार, नीतीश कुमार, बाल संसद के प्रधानमंत्री आयुष राज, उप प्रधानमंत्री दिव्या भारती, शिक्षामंत्री राशी कुमारी एवं छात्र-छात्रा खुशी कुमारी, वर्षा कुमारी, राखी कुमारी, नेहा कुमारी, लभली कुमारी, पवन कुमार, आदित्य कुमार, सोनु कुमार तथा विद्यालय परिवार के सदस्यगण मौजूद थे।
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