नालंदा के पाँच समाजसेवी : सेवा, समर्पण और समाज परिवर्तन की प्रेरक गाथा......!!

लेखक : धीरज कुमार 
छायाकार शंखनाद साहित्यिक मंडली
बिहार की ऐतिहासिक धरती नालंदा केवल ज्ञान, संस्कृति और शिक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समाजसेवा की गौरवशाली परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध रही है। इस पावन भूमि ने ऐसे अनेक व्यक्तित्व दिए हैं जिन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के उत्थान हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया। ऐसे ही पाँच समर्पित समाजसेवी— खरुआर हरनौत के शैलेन्द्र सिंह, कल्याण विगहा के रामप्रवेश सिंह, सेवदह हरनौत के चन्द्र उदय कुमार ‘मुन्ना’, गोपालबाद सरमेरा के राकेश बिहारी शर्मा तथा बिहारशरीफ के भाई सरदार वीर सिंह— आज नालंदा जिले में सेवा, सहयोग और जनजागरण के पर्याय बन चुके हैं।
इन समाजसेवियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक जागरण, युवा प्रेरणा और मानवीय सहायता जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगाई है।
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शैलेन्द्र सिंह : जनहित के सजग प्रहरी
श्री शैलेन्द्र सिंह सामाजिक एवं राजनीतिक सरोकारों से जुड़े ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने सदैव जरूरतमंदों की सहायता को अपना कर्तव्य माना। गरीबों, असहायों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए वे निरंतर सक्रिय रहते हैं।
उनकी प्रमुख सामाजिक गतिविधियाँ हैं—
• निर्धन परिवारों को राजनैतिक, आर्थिक एवं नैतिक सहयोग 
• शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान 
• पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम 
• युवाओं को नशामुक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करना 
• आपदा एवं संकट के समय राहत कार्य 
उनकी कार्यशैली में सरलता, संवेदनशीलता और कर्मठता स्पष्ट दिखाई देती है।
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रामप्रवेश सिंह : समाज के मौन सेवक
श्री रामप्रवेश सिंह ऐसे समाजसेवी हैं जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाजहित में निरंतर कार्य करते रहे हैं। वे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में सक्रिय हैं।
उनके उल्लेखनीय कार्य—
• गरीब विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना 
• जरूरतमंद परिवारों की सहायता 
• सामाजिक विवादों को संवाद के माध्यम से सुलझाना 
• स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाना 
• सामुदायिक एकता को मजबूत करना 
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची सेवा प्रसिद्धि नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है।
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चन्द्र उदय कुमार ‘मुन्ना’ : युवाओं के प्रेरणास्रोत
श्री चन्द्र उदय कुमार ‘मुन्ना’ एक ऊर्जावान और कर्मठ समाजसेवी के रूप में प्रसिद्ध हैं। वे युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ—
• रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन 
• खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा 
• जरूरतमंदों के लिए राहत कार्य 
• युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास 
• सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जनजागरण 
उनकी सक्रियता ने अनेक युवाओं को समाजसेवा से जोड़ने का कार्य किया है।
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साहित्यकार एवं समाजसेवी राकेश बिहारी शर्मा : समाज के सजग प्रहरी
गोपालबाद सरमेरा निवासी एवं वर्तमान में बिहारशरीफ के बबुरबन्ना मोहल्ला में रह रहे श्री राकेश बिहारी शर्मा एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। वे शिक्षाविद, साहित्यकार, वक्ता और समर्पित समाजसेवी के रूप में विख्यात हैं।
शिक्षा और साहित्य के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी प्रमुख विशेषताएँ हैं—
• शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान 
• साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन 
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन और जनजागरण 
• युवा पीढ़ी को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करना 
• विभिन्न सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका 
उन्होंने कई जनोपयोगी पुस्तकों का लेखन किया है, जो समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध हुई हैं।
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समाजसेवा की मिसाल : भाई सरदार वीर सिंह
भाई सरदार वीर सिंह आज बिहारशरीफ ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपना जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया है। निःस्वार्थ भाव, करुणा और सेवा की भावना से ओत-प्रोत उनका व्यक्तित्व हर किसी के लिए अनुकरणीय है।
उन्होंने अब तक लगभग 12 हजार गरीब एवं असहाय लोगों को निःशुल्क कृत्रिम आँख उपलब्ध कराने का महान कार्य किया है। जिन लोगों ने दुर्घटना, बीमारी या अन्य कारणों से अपनी आँख खो दी थी, उनके जीवन में उन्होंने नई रोशनी और आत्मविश्वास लौटाने का कार्य किया।
यह केवल चिकित्सा सहायता नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उनके प्रयासों से हजारों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है और वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी पा रहे हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, सहायता एवं जनकल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में भी उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। वे सदैव इस सोच के साथ कार्य करते हैं कि समाज का हर व्यक्ति सम्मान और सहारे के साथ जीवन जी सके।
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समाज के लिए प्रेरणा
इन सभी समाजसेवियों में कुछ विशेष गुण समान रूप से दिखाई देते हैं—
• निस्वार्थ सेवा भावना 
• समाज के प्रति उत्तरदायित्व 
• शिक्षा और जागरूकता पर बल 
• मानवीय संवेदनशीलता 
• सकारात्मक सोच और कर्मठता 
आज के समय में जब सामाजिक मूल्यों का क्षरण चिंता का विषय बनता जा रहा है, ऐसे समाजसेवी आशा की किरण बनकर सामने आते हैं। ये सभी व्यक्तित्व यह संदेश देते हैं कि यदि व्यक्ति सेवा को अपना धर्म बना ले, तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।
नालंदा की धरती को इन पाँच समाजसेवियों पर गर्व है। इनके कार्य समाज के लिए प्रेरणा हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक भी। इनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची महानता पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में निहित होती है।
“जो दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाता है, उसका अपना जीवन भी उज्ज्वल हो जाता है।”

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