पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनों ने की वट सावित्री की पूजा, कथा सुनकर लिया आशीर्वाद.....।
●अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनों ने की वट सावित्री पूजा
सोहसराय-बबुरबन्ना : रांची रोड़ बबुरबन्ना के तूफानगंज मोड़ पर सुहागिनों ने वट सावित्री पर्व के पावन अवसर पर वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की। बबुरबन्ना के तूफानगंज मोड़ पर लोहा फैक्ट्री, जलमीनार के बगल में अवस्थित अति प्राचीन वट वृक्ष के निकट बबुरबन्ना, सहोखर एवं काशी मोहल्ला की महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर अपने पति के लंबी उम्र की कामना के लिए वट वृक्ष में जल अर्पित करते हुए रक्षा सूत्र बांध नैवेद्य अर्पित कर पूजा की। अहले सुबह से ही इस प्राचीन वट वृक्ष के समीप सुहागिन ने पूजा-अर्चना को लेकर देखी गई। सुहागिनों ने पुष्प, जल, नवैध एवं रक्षा सूत्र अर्पित कर वट सावित्री की पूजा संपन्न कर अपने पति के दीर्घायु होने की ईश्वर से मंगलकामना कामना की।
मौके पर साहित्यकार राकेश बिहारी शर्मा ने वट सावित्री व्रत के बारे में बताते हुए कहा कि आज शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखते हुए बरगद पेड़ की पूजा की और आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावित्री नाम की महिला ने अपने सुहाग यानि पति के प्राणों की रक्षा के लिए वट वृक्ष के नीचे यमराज की पूजा की, जिससे प्रसन्न होकर यमराज ने सत्यवान की आयु बढ़ा दी। सुहागन स्त्रियां सावित्री की तरह वटवृक्ष के नीचे पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।
हिंदू धर्म में महिलाएं पति की लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना में कई व्रत रखती हैं। इनमें एक प्रमुख व्रत है वट सावित्री का व्रत। यह व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को रखा जाता है। इस वर्ष यह व्रत शनिवार को पड़ता है। महिलाएं देवी सावित्री के पति प्रेम और पतिव्रत धर्म को स्मरण कर अखंड सौभाग्य के लिए प्रार्थना करती हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
कृपया कमेंट बॉक्स में कोई भी स्पैम लिंक न डालें - शंखनाद