बामसेफ के जिला कमेटी का पुनर्गठन राजेश कुमार रमण बने जिलाध्यक्ष तो उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी राकेश बिहारी शर्मा बने.....।।।

बामसेफ जिला इकाई नालंदा की नई कार्यकारिणी का हुआ गठन
●बामसेफ संगठन फुले-अम्बेडकरी की विचारधारा है : डॉ.राजीव रंजन
●भारतीय मूलनिवासी की पहचान हमारे महापुरूषों ने दी है : राकेश बिहारी 
●शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि अपने हक को पहचानने की ताकत है : राकेश बिहारी 
●जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक शोषण होता रहेगा
बिहारशरीफ, 31मई 2026 : शनिवार की देर शाम बामसेफ जिला कार्यालय  न्यू रहूई रोड लोहगानी बिहार शरीफ में बामसेफ (बैंकवर्ड एंड माइनोरिटी कम्युनिटी इम्पलॉयज फेडरेशन) नालंदा और मूलनिवासी संघ की आम सभा में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
जिसकी अध्यक्षता बामसेफ के राज्य उपाध्यक्ष सह चुनाव पर्यवेक्षक डॉ.राजीव रंजन ने की, तथा सभा में उपस्थित सदस्यों ने ज्योतिबा फुले और बाबा भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित किया। 
उसके पूर्व सबसे पहले बामसेफ के पर्व जिलाध्यक्ष मूलनिवासी रंजीत पासवान ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया तथा परिचय करवाया। 
तत्पश्चात् बामसेफ नालंदा के मीडिया प्रभारी सह उपाध्यक्ष मूलनिवासी राकेश बिहारी शर्मा ने बताया कि हम सब जाति के लोग नहीं है हम भारत के असली मूलनिवासी हैं यह पहचान हमारे महापुरूषों ने दी है, इसलिए हम लोगों को संविधान की पूरी जानकारी लेकर अपने अधिकारों को प्राप्त करना होगा तथा अपने बच्चों को, महिलाओं को संविधान के प्रति जागृत करना होगा। उन्होंने कहा- शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह अपने हक और हकूक को पहचानने की ताकत है। जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक उसका शोषण होता रहेगा।
मौके पर नालंदा जिला प्रभारी सह चुनाव पर्यवेक्षक डॉ.राजीव रंजन ने कहा की, अब संगठन और मूलनिवासी महापुरुषों के कारवां के प्रति हमारी जिम्मेदारी कई गुना बढ़ गई हैं। उम्मीद है कि हम लोग अपने आने वाले कार्यकाल में बेहतर करेंगे। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प यही रहेगा कि हम संगठन की विचारधारा जो फुले-अम्बेडकरी विचारधारा हैं उसे नालन्दा के घर-घर तक पहुंचाए। हम अधिक से अधिक अपने मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगो से संवाद करेंगे। उनतक मूलनिवासी विचार धारा के साथ साथ संविधान के प्रावधानों और उनमें दिए उनके मौलिक अधिकारों को बताएंगे।
संविधान प्रबोधक श्रीकांत कुमार ने सिंधु घाटी सभ्यता, मूलनिवासी महापुरुषों का आंदोलन, उनका त्याग और समर्पण तथा आधुनिक भारत में राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले, छत्रपति साहू जी महाराज और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिलाए गए अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रमण ने कहा कि बामसेफ देश के एससी, एसटी, ओबीसी और कनवर्टेड माइनॉरिटी के सरकारी कमर्चारियों का सबसे बड़ा राष्ट्रीय स्तरीय का संगठन है। जो फुले-अम्बेडकरी विचारधारा पर देश के विभिन्न राज्यों में निरंतर कार्य कर रही हैं।
अंत में बामसेफ पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत पासवान ने पूर्व जिला कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा की तथा नई कार्यकारिणी बनाने का प्रस्ताव सदन में रखा।
मूलनिवासी केशो जमादार ने युवा साथियों को कार्यकारिणी में लेने का प्रस्ताव रखा और इस तरह नालंदा जिला बामसेफ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया जो इस प्रकार है-
1. मू. राजेश कुमार रमण, अध्यक्ष
2. मू. राकेश बिहारी शर्मा, वरीय उपाध्यक्ष
3. मू. कमलेश पासवान, उपाध्यक्ष
4. मू. मो. जाहिद हुसैन, सचिव
5. मू. धीरज कुमार, संगठन सचिव
6. मू. मो. शहनवाज आलम, संगठन सचिव
7. मू. मोअजम अहसन, संगठन सचिव सहित कई सदस्य निर्वाचित हुए। 
इस अवसर पर मू. रामाश्रय पासवान को मूलनिवासी संघ जिला नालंदा का अध्यक्ष बनाया गया।
कार्यक्रम के अंत में बामसेफ जिला सचिव मो. जाहिद हुसैन ने सभी का धन्यवाद किया और जल्दी ही कार्यकारिणी का विस्तार करने का संकल्प लिया। 
इस अवसर पर मू.अमित कुमार, मू.सुरज कुमार यादव, मू.अमिताभ कुमार, मू.उमेश कुशवाहा, मू.राजवल्भ पासवान, मू.मनोज कुमार, मू.जगदीश चौधरी आदि उपस्थित रहे।

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