समारोहपूर्वक मनाया गया साईं मंदिर का आठवाँ स्थापना दिवस....
● साईं मंदिर के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु
● हवन, अभिषेक, भजन-कीर्तन एवं महाप्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ समारोह
बिहारशरीफ/सोहसराय, 29 जून 2026। सोहसराय स्थित शिव सह साईं मंदिर एवं साईं धाम का आठवाँ स्थापना दिवस सोमवार को कार्यक्रम के संयोजक रंजीत कुमार शर्मा के नेतृत्व एवं देखरेख में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। समारोह में शहर सहित आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। पूरे दिन साईं बाबा के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। महिलाओं एवं बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के संयोजक रंजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर प्रातः 7:30 बजे हवन, श्री साईं सच्चरित्र का संपूर्ण पाठ, साईं बाबा का पंचामृत एवं विधिपूर्वक अभिषेक तथा षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया गया। इसके उपरांत साईं बाबा की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक संगीतमय साईं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। सायंकाल गोधूलि बेला में महाआरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा आज यह मंदिर जनआस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
इस अवसर पर शंखनाद साहित्यिक मंडली के महासचिव शिक्षाविद् साईं भक्त राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि "सबका मालिक एक है" का संदेश देने वाले शिरडी के साईं बाबा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के महान संत, योगी एवं फकीर थे। भारतीय समाज में देवी-देवताओं के साथ-साथ संतों एवं फकीरों को भी समान श्रद्धा से पूजनीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक विभाजन का सबसे अधिक दुष्प्रभाव समाज के उपेक्षित वर्गों पर पड़ता है। ऐसे समय में संतों एवं समाज सुधारकों ने सदैव सामाजिक एकता और मानवता का संदेश दिया। साईं बाबा ने जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर सच्ची मानवता का आदर्श प्रस्तुत किया। उनका जीवन सर्वधर्म समभाव, प्रेम, सेवा और करुणा का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने मंदिर में स्थापित साईं बाबा की प्रतिमा की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि शिव सह साईं मंदिर एवं साईं धाम की स्थापना 29 जून 2018 को हुई थी। मंदिर में स्थापित साईं बाबा की प्रतिमा 5 फीट 5 इंच ऊँची तथा 8 क्विंटल 84 किलोग्राम वजनी है। यह प्रतिमा दूधिया संगमरमर से निर्मित है, जिसे जयपुर से मंगवाया गया था। समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं ढोलक की थाप पर भक्ति-भाव से नृत्य किया। कार्यक्रम के आयोजक ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रितेश कुमार, विश्वमोहन पाण्डेय, अजीत कुमार यादव, रीता सिन्हा, करण कुमार, विनय कुमार, सोनी कुमार, नवल किशोर, रेखा देवी, मंजू देवी, रेणु देवी, निर्मला देवी,अनिता देवी,धानो देवी, पहलवान जी, विकास कुमार, अमित कुमार, रजनी देवी सहित सैकड़ों साईं भक्त उपस्थित रहे।
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