लक्ष्मीपुर में सरस्वती देवी की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, संगोष्ठी एवं पौधरोपण.....
'मां परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति' : राकेश बिहारी
शेखपुरा, 18 जुलाई। अरियरी प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव स्थित सामुदायिक भवन में शुक्रवार को देर शाम समाजसेविका स्वर्गीय सरस्वती देवी की दूसरी पुण्यतिथि पर माँ सरस्वती सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा, संगोष्ठी एवं पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. परशुराम चौहान ने की तथा संचालन शायर नवनीत कृष्ण ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय सरस्वती देवी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं शंखनाद के अध्यक्ष इतिहासकार डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सरस्वती देवी धर्मपरायण, कर्मनिष्ठ एवं समाजसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित महिला थीं। उन्होंने अपने जीवन में सत्य, सेवा और सदाचार के मूल्यों को अपनाते हुए समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
'परिवार एवं समाज की धुरी- माँ' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शंखनाद के महासचिव साहित्यकार शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि माँ केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। बच्चों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास मां के सान्निध्य में ही संभव है।
अध्यक्षता करते हुए डॉ. परशुराम चौहान ने कहा कि स्वर्गीय सरस्वती देवी का जीवन सेवा, त्याग और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक था। उन्होंने गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा की। उनका जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
मौके पर अभियंता एवं साहित्यकार मिथिलेश प्रसाद चौहान ने भारतीय संस्कृति में माँ के सर्वोच्च स्थान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें परिवार की प्रथम गुरु बताया। प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार ने स्वर्गीय सरस्वती देवी के सादगीपूर्ण, सेवाभावी एवं मूल्यनिष्ठ जीवन को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।
संचालन के दौरान शायर नवनीत कृष्ण ने कहा कि स्वर्गीय सरस्वती देवी ने जीवनभर असहाय एवं कमजोर वर्गों की सेवा को अपना धर्म माना। शायर बेनाम गिलानी ने उनके दूरदर्शी व्यक्तित्व, बौद्धिक क्षमता एवं समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श सदैव लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
नवादा इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.विनय कुमार चौधरी ने उन्हें सरल, मृदुभाषी एवं सेवा-भाव से ओतप्रोत व्यक्तित्व की धनी बताया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय सरस्वती देवी की स्मृति में पौधरोपण किया तथा मातृशक्ति के सम्मान, सामाजिक समरसता और संस्कारित समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में माँ सरस्वती सेवा फाउंडेशन के संरक्षक श्री प्रयाग चौहान ने अपने पुत्रों के साथ आगंतुकों के बीच 251 पौधों का वितरण किया तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधरोपण की अपील की। उन्होंने कहा- जीवन के लिए पेड़-पौधों का होना जरूरी है। उजड़ते जंगल तथा विकास के नाम पर कटते पेड़ों के कारण पर्यावरण असंतुलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। गर्मी में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी हो रही है।
इस अवसर पर समाजसेवी विद्यानंद चौहान, राष्ट्रीय शायर कुमार आर्यन, राष्ट्रीय शायर अभिमन्नु कुमार, डॉ. अविनाश कुमार, डॉ.सत्यनारायण चौहान, डॉ.जयप्रकाश प्रसाद, समाजसेवी पिंटु चन्द्रवंशी, विपिन कुमार, अर्जुन चौहान, सीताराम चौहान,रजनीकांत राव सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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