कर्मकांड का बहिष्कार कर बौद्ध रीति-रिवाज से रुक्मिणी देवी को दी गई आदरांजलि ....
• त्रिशरण, पंचशील एवं बुद्ध वंदना के साथ संपन्न हुई आदरांजलि सभा, करुणा, समता और वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान
नूरसराय (नालंदा), 26 जुलाई। नूरसराय प्रखंड के बाराखुर्द गांव में शनिवार की देर शाम दिवंगत रुक्मिणी देवी की स्मृति में बौद्ध रीति-रिवाज के अनुसार गयाजी के विद्वान भीखू सुनीत पाल थेरो के मार्गदर्शन में आदरांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक कर्मकांडों के स्थान पर त्रिशरण, पंचशील एवं बुद्ध वंदना के माध्यम से आदरांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर, मोमबत्तियां जलाकर तथा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बामसेफ केंद्रीय कार्यकारिणी समिति, नई दिल्ली के सदस्य एवं बिहार बामसेफ प्रभारी डॉ. एम. पाल ने की, जबकि मंच संचालन प्रदेश मूलनिवासी संघ के कोषाध्यक्ष रणजीत कुमार ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. एम. पाल ने कहा कि महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना ही किसी दिवंगत व्यक्ति के प्रति सच्ची आदरांजलि है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म करुणा, समता, विवेक और वैज्ञानिक सोच का संदेश देता है। समाज को अंधविश्वास से ऊपर उठकर शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी देवी का सादगीपूर्ण जीवन और मानवीय मूल्यों के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
बामसेफ नालंदा के जिला उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता एवं शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य है, लेकिन श्रेष्ठ विचार और आदर्श अमर रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म करुणा, समता और विवेकपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है तथा रुक्मिणी देवी का जीवन समाज के लिए अनुकरणीय रहा।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नालंदा जिला प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि व्यक्ति के श्रेष्ठ संस्कार और सद्कर्म ही उसकी वास्तविक पहचान होते हैं। उन्होंने समाज में मैत्री, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रदेश कार्यालय सचिव आशुतोष कुमार राकेश ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश मानवता, सेवा, करुणा और प्रज्ञा पर आधारित है। उन्होंने लोगों से समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने की अपील की।
बामसेफ नालंदा के सचिव मो. जाहिद हुसैन ने कहा कि मनुष्य का मूल्य उसके पद या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके सद्कर्मों से निर्धारित होता है। उन्होंने रुक्मिणी देवी के पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को अनुकरणीय बताया।
आदरांजलि सभा में बामसेफ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रमण, प्रदेश मूलनिवासी संघ के संगठन सचिव केशो जमादार, शिवबालक पासवान, सुनीता देवी, संजय कुमार राही, मुकेश कुमार विद्यार्थी, नीतू कुमारी, पत्रकार अमर वर्मा, अरुण कुमार, शिव कुमार पासवान, मिथिलेश यादव सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दिवंगत रुक्मिणी देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सभा का समापन बुद्ध वंदना एवं समस्त प्राणियों के सुख, शांति और कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ।
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