सोहसराय में गुरु पूर्णिमा पर साईं मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, भक्तों ने किया विशेष पूजन....
●सोहसराय में गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने किया साईं बाबा का पूजन
बिहारशरीफ-सोहसराय, 30 जुलाई 2026 : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार की देर शाम को सोहसराय स्थित शिव साईं मंदिर सह साईं धाम ट्रस्ट, सोहसराय परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। मंदिर में सुबह से ही विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। प्रातः काकड़ आरती के बाद साईं बाबा को भव्य शाही स्नान कराया गया। इसके पश्चात दैनिक पूजा-अर्चना, पंचामृत अभिषेक और षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ। हवन के साथ श्री साईं सच्चरित्र का संपूर्ण पाठ भी किया गया।
दिनभर रहे मंदिर में विशेष आयोजन :
मौके पर शिर्डी साई बाबा सेवा संगठन के जिलाध्यक्ष सह साईं मंदिर के संयोजक रंजीत कुमार शर्मा ने बताया कि अपराह्न 3 बजे से 6 बजे तक संगीतमय साईं भजन-कीर्तन हुआ। सायंकाल गोधूलि बेला में महाआरती के उपरांत पुनः महाप्रसाद का वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि "इस वर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। आज यह मंदिर जन-आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।" समारोह में शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने पूरे उत्साह से भाग लिया। दिनभर मंदिर परिसर "ॐ साईं राम" के जयकारों से गूंजता रहा।
"साईं का संदेश है एकता और सेवा" :
इस अवसर पर शंखनाद साहित्यिक मंडली के महासचिव एवं शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। "सबका मालिक एक" का संदेश देने वाले शिरडी के साईं बाबा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के महान संत थे। उन्होंने जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। उनका जीवन प्रेम, करुणा और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं को गुरु की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुरु ही जीवन के पथ को प्रकाशमान करते हैं। उन्होंने प्रसिद्ध दोहे "गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय" का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु ही मनुष्य को ज्ञान और सही मार्ग का बोध कराते हैं। केवल पुस्तकों का अध्ययन पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा दिखाने वाले गुरु का मार्गदर्शन भी आवश्यक है।
शिव साईं मंदिर के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कहा है कि यह गुरु पूर्णिमा पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपने गुरु साईं बाबा के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन साईं बाबा की पूजा करना गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक विशेष तरीका माना जाता है। भक्त साईं बाबा से आंतरिक शांति, सकारात्मक विचारों और जीवन में सही दिशा के लिए प्रार्थना करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने ढोलक और ढफली की थाप पर भजन-कीर्तन और भक्ति नृत्य किया। मंदिर के अध्यक्ष अनील कुमार गुप्ता, अमित कुमार और सचिव उपेंद्र प्रसाद ने साईं भक्त राकेश बिहारी सहित कई साईं भक्तों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर सर्वश्री विश्वमोहन पांडेय, अमित कुमार, जीति यादव, रीता देवी, अनिता देवी, सेलिना श्री, प्रियंका लाल, रेखा देवी, ममता देवी, निर्मला देवी, सच्चिदानंद पाण्डेय, बबिता देवी, रेणु देवी, गुणवंती देवी,किरण देवी,शर्मिला देवी, सोनी देवी, कुमकुम, गुलाबी देवी, विनय कुमार पाण्डेय, रितेश कुमार, निति कुमारी सहित सैकड़ों साईं भक्त उपस्थित थे।
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