शिक्षा, संगठन और संविधान से ही सशक्त होगा मूलनिवासी समाज......।।

विश्व मूलनिवासी दिवस पर निकला पथ संचलन, गूंजा सामाजिक न्याय का संदेश 
• महापुरुषों के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़े समाज : बामसेफ
 
बिहारशरीफ, 9 अगस्त। विश्व मूलनिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को नालंदा बामसेफ एवं मूलनिवासी संघ के संयुक्त तत्वावधान में शहर में पथ संचलन निकाला गया। श्रम कल्याण केंद्र के मैदान से शुरू हुआ पथ संचलन देवीसराय स्थित अंबेडकर गोलंबर पहुंचा। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने वैचारिक नारों के माध्यम से शिक्षा, संगठन, सामाजिक न्याय और संवैधानिक चेतना का संदेश दिया। अंबेडकर गोलंबर पहुंचने पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया गया।
पथ संचलन का नेतृत्व मूलनिवासी संघ नालंदा के जिलाध्यक्ष केशो जमादार जबकि अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के जिलाध्यक्ष रामाश्रय पासवान ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और संवैधानिक जागरूकता के बिना समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है। समाज के शोषित और वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संगठित होने की जरूरत है।
अंबेडकर गोलंबर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बामसेफ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रमण ने कहा कि विश्व मूलनिवासी दिवस सामाजिक न्याय, समान अवसर, आत्मसम्मान और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने शिक्षा, संगठन और संघर्ष को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताते हुए महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
मौके पर बामसेफ के जिला उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़कर उसमें आत्मसम्मान, वैज्ञानिक सोच और संवैधानिक चेतना विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने पर जोर दिया।
प्रदेश मूलनिवासी संघ के कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा कि विश्व मूलनिवासी दिवस अपनी ऐतिहासिक पहचान, संस्कृति और विरासत को याद करने का अवसर है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
जिला सचिव मो. जाहिद हुसैन ने कहा कि शिक्षा, संगठन और भाईचारा समतामूलक समाज की मजबूत नींव हैं। उन्होंने युवाओं से संविधान की मूल भावना के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
मूलनिवासी संघ के जिलाध्यक्ष केशो जमादार ने कहा कि समाज की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे की स्थापना के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महापुरुषों के आदर्शों पर चलने, शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने तथा समाज में समानता, भाईचारा और मानवता को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर बामसेफ के कोषाध्यक्ष रंजीत पासवान, मूलनिवासी संघ के जिला महासचिव मू. दीपक, कॉमरेड विजय कुमार पासवान, सरदार भाई वीर सिंह, उमेश कुमार, राजो पासवान, शिवबालक पासवान, सुगौली प्रसाद, सागर पासवान, गोपाल कृष्ण, गणपत तांती, विनोद रविदास, चन्द्रमणि चौहान, सतेन्द्र पासवान, रणजीत कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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