किसान कॉलेज , सोहसराय में हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन आयोजित ....
बिहारशरीफ, 11 सितंबर।
किसान कॉलेज, सोहसराय के हिंदी एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को अपराह्न काल में हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन काॅलेज के प्राचार्य प्रोफेसर दिव्यांशु कुमार के द्वारा परंपरागत रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित था और इसके प्रथम सत्र में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हिन्दी भाषा के महत्व एवं विकास से संबंधित चर्चा की गई।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो.(डॉ.) दिव्यांशु कुमार ने कहा कि “हिंदी संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा है। यह केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि देश की विविध भाषा- संस्कृति और परंपराओं को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम है।” उन्होंने कहा कि हिंदी का संवर्धन भारत की सांस्कृतिक राष्ट्रीय एकता की मजबूती के लिए आवश्यक है।
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बेबी कुमारी ने आमंत्रित साहित्यकारों और कवियों एवं उपस्थित छात्र -छात्राओं तथा वरिष्ठ जनों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंदी पखवाड़ा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है। इस आयोजन का अर्थ हिंदी साहित्य से नव पीढ़ी को जोड़ने तथा इसे वैश्विक स्तर पर भाषायी मजबूती प्रदान करना है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भी हिंदी भाषा एवं साहित्य के महत्व से परिचित कराना चाहिए।
इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि इतिहासकार एवं शंखनाद साहित्यिक मंडली के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह ने कहा कि हिंदी भारत के क्षेत्रीय भाषाओं की वैश्विक प्रसिद्धि एवं पहचान की प्रतिनिधि है। हिन्दी, भारतीय भाषा-साहित्य के विकास और हमारी संयुक्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का माध्यम है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र जिले के बाहर से आमंत्रित कवियों ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का काव्यपाठ किया । उनकी कविताओं में हास्य, व्यंग्य, प्रेम, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाओं के विविध रंग देखने को मिला कवियों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार लगातार
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इसमें में अविनाश कुमार पाण्डेय, उत्पल भारद्वाज,
रंजीत दुधु , डॉ. अंजनी कुमार ‘सुमन’, सागर आनंद, डॉ. प्रणय कुमार, अमीर हमजा, ममता कुमारी एवं नितेश कपूर सहित अन्य आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के तीसरे सत्र में शंखनाद साहित्यिक मंडली के कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय उर्दू शायर बेनाम गिलानी ने अपनी शायरी से दर्शकों को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया। इस क्रम में हिन्दी के मूर्धन्य विद्वान डॉ. शकील अहमद अंसारी, बाल साहित्यकार डॉ. जियाउर रहमान जाफरी, लेखक मो. जाहिद हुसैन, शोधार्थी नवनीत कृष्ण तथा नीतीश कुमार ने अपनी कविता एवं गीतों को प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन शायर नवनीत कृष्ण ने अपने प्रभावशाली आवाज में कर आयोजन को गरिमामय और जीवंत बनाए रखा।
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