शिक्षक समाज व राष्ट्र को दिशा देते रहे हैं : राकेश बिहारी शर्मा......

ककड़िया में जयंती पर याद किए गए सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन
●ककड़िया स्कूल में हर्षोल्लास से मनाया शिक्षक दिवस
नूरसराय-नालंदा, 5 सितम्बर 2026 : स्थानीय मध्य विद्यालय ककड़िया के प्रांगण में 5 सितम्बर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी शिक्षक जितेन्द्र कुमार मेहता ने किया।
कार्यक्रम की शुरूआत प्रभारी शिक्षक जितेन्द्र कुमार मेहता एवं वरीय शिक्षक राकेश बिहारी शर्मा ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण, केक काटकर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। 
 
अध्यक्षता करते हुए प्रभारी शिक्षक जितेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली जी के आदर्श सर्वकालिक पूज्यनीय और वंदनीय हैं। इनके आदर्शो को आत्मसात कर ही शिक्षा का सर्वब्यापीकरण संभव है। शिक्षक का स्थान सर्वोच्च होता है। इनके मार्गदर्शन में ही सफलता सुनिश्चित होता है।
मौके पर विद्यालय के वरीय शिक्षक शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने उपस्थित बच्चों को डॉ. राधाकृष्णन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों से उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- शिक्षक समाज और राष्ट्र को दिशा देते रहे हैं और आज भी एक अच्छा शिक्षक जहां कहीं भी हो वह अपनी अमिट छाप समाज पर छोड़ता है। भारतीय शिक्षा दर्शन एवं शिक्षकों के महत्ता को सारे विश्व ने अपनाकर शिक्षकों का मान और सम्मान कायम किया है। पर दुर्भाग्य है कि आज के परिवेश में जो सम्मान शिक्षकों को मिलना चाहिए वह समाज और अपने देश में नहीं मिल रहा है।
समारोह में विदुषी शिक्षिका पूजा कुमारी ने कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य हैं। उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना शिक्षक का दायित्व है। एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान तब होता है, जब उसका विद्यार्थी जीवन में सफलता हासिल कर समाज और देश के लिए बेहतर काम करता है। शिक्षक एक दीपक की तरह जलकर अज्ञानता के अंधेरे से ज्ञान की रोशनी में छात्रों को लाता है और उन्हें काबिल बनाता है। 
शिक्षक सतीश कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं। बच्चों को केवल शिक्षित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनाना भी शिक्षक की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और उन्हें सही दिशा में प्रोत्साहित करें।
 
शिक्षक मो. रिजवान अफ़ताब ने कहा कि सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने से नहीं मिलती, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक सोच भी इसके लिए जरूरी हैं। विद्यार्थियों को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
शिक्षक अरविन्द कुमार शुक्ल ने कहा कि विश्व के 100 से अधिक देशों में मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस का महत्व भारत में अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक है जिसका निर्वहन गुरु शिष्य प्राचीन काल से ही करते आ रहे हैं।
इस अवसर पर शिक्षक विश्व रंजन कुमार, मुकेश कुमार, रामजी चौधरी, खुशी कुमारी, काजल कुमारी, आदित्य कुमार, शक्ति कुमार, जौशन कुमार, दिव्या भारती, अंजली कुमारी, करण कुमार, राशि कुमारी, राजवीर कुमार, पवन कुमार, वर्षा कुमारी, सोनम कुमारी, आयुष कुमार, मुन्नी कुमारी, नीतू कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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