बुजुर्गों का सम्मान, समाज की पहचान; नाई संघ ने लिया सेवा का संकल्प.....

●बुजुर्ग समाज की धरोहर, उनके अनुभवों से संस्कारित होती है नई पीढ़ी : राकेश बिहारी शर्मा

●दीपनगर में सम्मान समारोह, शिक्षा-रोजगार और वंचितों के उत्थान पर जोर; सामाजिक एकता मजबूत करने का आह्वान
दीपनगर (बिहारशरीफ), 11 अक्टूबर। अखिल भारतीय नाई संघ (ट्रेड यूनियन), बिहारशरीफ की मेघीनगमा पंचायत के तत्वावधान में शनिवार की देर शाम दीपनगर स्थित लक्ष्मी पैलेस में बुजुर्गों एवं सम्मानित पदाधिकारियों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। प्रखंड अध्यक्ष प्रभात कुमार की अध्यक्षता और संतोष कुमार के संचालन में आयोजित इस समारोह में बुजुर्गों के सम्मान, सामाजिक एकता और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान का संकल्प लिया गया।
समारोह का शुभारंभ भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर नाई संघ के जिला संयोजक एवं शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा, जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रणजीत कुमार अकेला तथा कार्यालय मंत्री सह निगरानी अध्यक्ष विक्रम कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों को फूल-माला एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
बुजुर्गों के अनुभव से मिलती है नई पीढ़ी को दिशा: 
समारोह को संबोधित करते हुए संघ के जिला संयोजक शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और संस्कारों से ही नई पीढ़ी को सही दिशा मिलती है। बुजुर्गों का सम्मान केवल सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नाई समाज से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी मदद करने और समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए सामूहिक प्रयास, आपसी सहयोग और एकजुटता जरूरी है।
बुजुर्गों का सम्मान करना समाज का दायित्व:
संघ के जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग हमारी परंपरा, अनुभव और इतिहास के संवाहक हैं। उनसे कटने वाला समाज अपनी जड़ों से दूर हो जाता है। जिस समाज में वरिष्ठजनों को सम्मान और उचित देखभाल मिलती है, वहां संस्कार, स्वाभिमान और सामाजिक सद्भाव मजबूत होते हैं। उन्होंने सभी लोगों से बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
प्रखंड अध्यक्ष प्रभात कुमार ने कहा कि बुजुर्गों और सामाजिक पदाधिकारियों का सम्मान हमारी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से युवाओं को प्रेरणा मिलती है तथा समाज और प्रदेश के विकास को गति मिल सकती है।
जिला उपाध्यक्ष रणजीत कुमार अकेला ने कहा कि बुजुर्ग समाज का स्वाभिमान और अमूल्य धरोहर हैं। सामाजिक सुख, शांति, समृद्धि और एकता के लिए उनका सम्मान एवं संरक्षण आवश्यक है। वहीं, निगरानी अध्यक्ष विक्रम कुमार ने नई पीढ़ी से वरिष्ठजनों के अनुभवों से सीख लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक एकजुटता पर मंथन:
समारोह में नाई समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं पर भी चर्चा हुई। समाज में एकता मजबूत करने, वंचित एवं कमजोर परिवारों को आगे बढ़ाने तथा युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज के विकास के लिए आपसी सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी को आवश्यक बताया।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य एवं समाजसेवी धीरज कुमार, सचिव जनार्दन ठाकुर, भीम ठाकुर, मोहम्मद शहनवाज, बिंदेश्वर शर्मा, संतोष कुमार शर्मा, नंदकिशोर कुमार, पिंटू कुमार, दिलीप शर्मा, संजय ठाकुर, बबलू शर्मा, चितरंजन शर्मा, जितेंद्र कुमार, डॉ. डीके सविता, चंदन कुमार सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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