ककड़िया के बच्चों ने रचा सपनों का भारत, प्रतिभा से मेयार में छोड़ी अमिट छाप....
*** ककड़िया के बच्चों ने रचा सपनों का भारत, प्रतिभा से मेयार में छोड़ी अमिट छाप
*** बच्चों के रंगों और शब्दों में दिखा सपनों का भारत, जौशन ने भाषण में मारी बाजी
ककड़िया, 29 सितंबर 2026 : बच्चों की कल्पनाओं में बसे भारत की तस्वीर सोमवार देर शाम को रंगों और शब्दों के जरिए साकार होती नजर आई। सेवा संकल्प अभियान के तहत सीआरसी मेयार में आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रांकन एवं भाषण प्रतियोगिता में नौ विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसी ने रंगों के जरिए स्वच्छ और विकसित भारत की कल्पना उकेरी तो किसी ने अपने शब्दों में शिक्षा, समान अवसर, सामाजिक एकता और बेहतर समाज का सपना सामने रखा।
प्रतियोगिता में मध्य विद्यालय ककड़िया के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वर्ग आठ के छात्र जौशन कुमार ने भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि वर्ग सात की छात्रा वर्षा कुमारी ने चित्रांकन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। दोनों विद्यार्थियों की सफलता से विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल रहा। विद्यालय परिसर में शिक्षकों ने जौशन और वर्षा को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया और भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर शिक्षक एवं शिक्षाविद् राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि बच्चों के सपने केवल उनकी कल्पनाएं नहीं, बल्कि देश के भविष्य की संभावित दिशा हैं। ‘मेरे सपनों का भारत’ महज एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को समझने और अभिव्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सपनों के भारत की सबसे मजबूत नींव है। हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों में सोचने, सवाल पूछने, सृजन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता विकसित करना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को केवल कल्पना तक सीमित नहीं रखने, बल्कि मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना के साथ उन्हें वास्तविकता में बदलने का आह्वान किया।
प्रभारी शिक्षक जितेंद्र कुमार मेहता ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उनकी प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित मंच उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करती हैं।
शिक्षिका पूजा कुमारी ने कहा कि बच्चों के बनाए चित्रों और व्यक्त किए गए विचारों में उनके सपनों का भारत साफ दिखाई देता है। रचनात्मक गतिविधियां बच्चों को अपनी भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अवसर देती हैं।
शिक्षक रिजवान अफताब ने कहा कि सपने तभी सार्थक होते हैं, जब उनके साथ मेहनत और संकल्प जुड़ा हो। बच्चों को अपने सपनों के भारत की कल्पना करने के साथ-साथ यह भी समझना होगा कि उसके निर्माण में उनकी अपनी भूमिका क्या होगी।
प्रतियोगिता के बाद सफल प्रतिभागियों और अन्य बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। ककड़िया के बच्चों की उपलब्धि से विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल रहा। शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर देती हैं।
मौके पर शिक्षक अनुज कुमार, अनीता कुमारी, अरविन्द कुमार शुक्ल, विश्वरंजन कुमार सहित छात्र-छात्राओं में खुशी कुमारी, नंदनी कुमारी, राशि कुमारी, वर्षा कुमारी, अंजली कुमारी, दिव्या भारती, पायल कुमारी, रुचि कुमारी, निम्मी कुमारी, सुषमा कुमारी, बुलबुल कुमारी, आभा कुमारी, सोनम कुमारी, सुमन कुमारी, राधिका कुमारी, पवन कुमार और रोहित कुमार मौजूद रहे। बाल संसद के प्रधानमंत्री आयुष कुमार सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
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