कला, संस्कृति और कौशल का संगम बना डायट नालंदा, 18 विद्यालयों के 92 विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर .....

*** रोल-प्ले और लोकनृत्य प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बिखेरी प्रतिभा, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ दिया जागरूकता का संदेश :
नूरसराय (नालंदा) 15 अक्टूबर 2026 : कला, संस्कृति और कौशल विकास के अनूठे संगम के बीच जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नालंदा में बुधवार की देर शाम तक जिला स्तरीय रोल-प्ले एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, महेंद्रू, पटना के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के 18 विद्यालयों के 92 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रतिभा और जीवन कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकसंस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत करने के साथ सामाजिक कुरीतियों और नकारात्मक धारणाओं के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डायट, नालंदा की प्रभारी प्राचार्य डॉ. अर्चना नाथ एवं संस्थान के व्याख्याताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में डॉ. अर्चना नाथ ने कहा कि कला बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और सामाजिक समझ विकसित होती है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ओम प्रकाश ने बीज वक्तव्य में प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि रोल-प्ले और लोकनृत्य जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों और रूढ़िवादी धारणाओं के प्रति जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
लोकनृत्य में बिहारशरीफ, सरमेरा और गिरियक की टीमों ने मारी बाजी :

लोकनृत्य प्रतियोगिता में एस.एस. बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रोजेक्ट बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, सरमेरा की टीम द्वितीय तथा पी.एम. श्री हाजी निसार हरिजन प्लस टू विद्यालय, गिरियक आदमपुर की टीम तृतीय स्थान पर रही।

वहीं, रोल-प्ले प्रतियोगिता में एस.एस. बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ ने प्रथम स्थान हासिल किया। सरस्वती विद्या निकेतन, चोरसुआ, गिरियक की टीम द्वितीय तथा महंत द्वारिकानंद उच्च विद्यालय, बड़ीमठ, परवलपुर की टीम तृतीय स्थान पर रही।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास पर जोर:

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. अर्चना नाथ, प्रशांत प्रियदर्शी और माधव जी शामिल रहे। निर्णायकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने और उनमें 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। ये गतिविधियां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करती हैं।

प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों को प्रमाणपत्र, मेडल और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पटना जाएंगी।
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका:

प्रतियोगिता का आयोजन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ओम प्रकाश एवं एच.पी.पी.आई. डायट कोऑर्डिनेटर डॉ. अनूप कुमार सिंह की देखरेख में हुआ। मंच संचालन डी.एल.एड. सत्र 2025–27 के द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु रामविकास एवं रौनक परवीन ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के व्याख्याता डॉ. हाजरा नाहिद, संगम भारती, मोहम्मद महफूज आलम, डॉ. शालिनी, कुमारी अनुराधा, शशिभूषण आनंद, महेंद्र प्रसाद निराला एवं डॉ. किरण कुमारी सहित डॉ. अनूप कुमार सिंह, अरविंद कुमार, ओमप्रकाश और गुड्डू कुमार शाह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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